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बनारस में तो गजब ही हो गया, हिंंदू मंदिर और ट्रस्ट में मुसलमान बन गए सेवइत, इस तरह खुला राज..._我的网站

刑事侦缉档案4

一 |     जागरण संवाददाता, वाराणसी (जेपी पांडेय)। गणेश मंदिर और सीता राम, राधा कृष्ण और सत्यनारायण ट्रस्ट के मकान में कैसे आया मुस्‍ल‍िमों का नाम यह जान कर आप चौंक जाएंगे। लेक‍िन, खबर सौ आने सच है। दरअसल पूरा मामला दालमंडी से जुड़ा हुआ है।,यहां पर सड़क, 184 मकान और जमीन के मुआवजे को 215 करोड़ रुपये म‍ि‍ला है। लोक निर्माण विभाग को दालमंडी में मुआवजा देना चुनौती से कम नहीं। पार्षद ने कहा है क‍ि जिला प्रशासन निर्णय ले ताक‍ि सरकार की छवि धूमिल न हो।  ,यह भी पढ़ें : औरंगजेब नहीं था ज्ञानवापी का मालिक, पुनरीक्षण याचिका पर वाद मित्र ने दी अदालत में दलील नई सड़क से चौक थाने तक प्रस्तावित 17.5 मीटर सड़क चौड़ीकरण में दालमंडी में एक के बाद एक नए मामले सामने आने लगे हैं। गणेश मंदिर, सीताराम, राधा-कृष्ण व सत्य नारायण ट्रस्ट की जमीन पर मुस्लिम वर्ग के कुछ लोग अपना नाम चढ़वाने के साथ सेवइत बन गए हैं। इतना ही नहीं, पुराने मकान तोड़कर नई बिल्डिंग खड़ी कर दी हैं। नगर निगम कर्मियों की मिलीभगत से मकान नंबर अपने नाम चढ़वा लिया है जबकि मंदिर और ट्रस्ट पर किसी का नाम नहीं चढ़ सकता। इनका नाम कैसे आया, जांच में सच्चाई सामने आएगी।,सड़क चौड़ीकरण को लेकर राजस्व, लोक निर्माण विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने सर्वे शुरू किया तो मंदिर और ट्रस्ट सामने आए। अब नगर निगम अपनी कमियों को छिपाने में लगा है। यह भी पढ़ें : वाराणसी में दो बच्‍चि‍यों पर कुत्तों के झुंड ने किया हमला, देखकर खड़े हो जाएंगे रोंगटे, देखें वीड‍ियो... दालमंडी सड़क चौड़ीकरण की जद में 184 मकान आए हैं। सड़क बनाने, मकानों और जमीनों का मुआवजा देने के लिए शासन ने करीब 215 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिया है। जद में आए भवन स्वामियों को मुआवजा देने की तैयारी चल रही है। अब लोक निर्माण विभाग चौड़ीकरण की जद में आए मंदिर और मस्जिद को लेकर उच्च अधिकारियों से वार्ता कर रहा है।,मंदिर और ट्रस्ट की जमीन पर नगर निगम में मुसलमान सेवइत दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में लोक निर्माण विभाग को दालमंडी सड़क चौड़ीकरण में मुआवजा देना किसी चुनौती से कम नहीं है। इस बारे में क्षेत्रीय पार्षद इंद्रेश सिंह ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण की जद में आए मकानों में शत्रु संपत्ति, मंदिर, ट्रस्ट और मस्जिद है। जिला प्रशासन को उचित निर्णय लेने की जरूरत है जिससे सरकार की छवि धूमिल नहीं हो।,यह भी पढ़ें : काशी में आज मुख्यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ, विकास कार्यों की समीक्षा और राहत कार्यों का लेंगे जायजा नगर निगम कर्मियों की मिलीभगत से हुआ खेल नगर निगम के रिकार्ड और पोर्टल पर सीके 42/100-101 श्रीगणेश जी, ठाकुर जी, विराजमान नयासियान धन्नू लाल, मनोज शुक्ला और निजामुद्दीन दिखा रहा है। इस पर हाउस टैक्स 41750 दर्ज है। मकान नंबर सीके 43/160-159-1-एफ सीताराम श्रीठाकुर राधा कृष्ण, श्रीठाकुर सत्यनारायण जी महाराज मालिक प्रेम शंकर मैनेजिंग ट्रस्टी सेवइत मुंतजिमकार गोपीनाथ ट्रस्टी लेजर मोहम्मद अलाउद्दीन, मोहम्मद सलाउद्दीन दिखा रहा है। इस पर कोई टैक्स नहीं है।,मकान नंबर सीके 43/160-बी सीताराम जी, राधा कृष्ण जी, सत्यनारायण जी महाराज मालिक प्रेम शंकर मैनेजिंग ट्रस्टी सेवइत गोपीनाथ ट्रस्टी लेजर रशिद जाफर, जमाल जाफर, साजिद जाफर, दीवान जाफर आदि नाम है। मंदिर और ट्रस्ट की संपत्ति पर इन लोगों का नाम कैसे आया, इस बात को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।,यह भी पढ़ें : वाराणसी में बाढ़ के खतरों का ज‍िला प्रशासन थ्री-डी डिजिटल ल‍िडार तकनीक से कर रहा आकलन。    获悉,拓斯达公告称,公司拟以自有或自筹资金1.47亿元,通过受让来勒光电原股东所持部分股权的方式,取得来勒光电合计49%股权。

二 | 交易完成后,来勒光电将成为公司参股企业。出售方承诺在协议签署且首次信息披露后6个月内,在二级市场购买公司A股股票,总金额不低于3000万元。来勒光电聚焦光模块高精度耦合设备,是光通信领域的高端设备制造商。本次投资旨在完善公司在智能制造装备领域布局,助力公司切入高景气光通信赛道。

三 | 原文链接。

四 |

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Published on:11:40:16